स्वतंत्रता संघर्ष
स्वतंत्रता संघर्ष इस कविता में एक देशभक्त नवयुवक ने भारत के आज़ादी के वक्त अपनी भावनाए व्यक्त की हैं|
"स्वतंत्रता संघर्ष"
कौन कहता हैं सब समाप्त हो गया,
अभी तो एक शुरुआत हैं |
२५० सालों के संघर्ष के बाद,
पूर्व में नया सूरज उग रहा है |
अंग्रेजों के उस विश्वास को,
हमें पूरी तरह तोड़ना हैं |
और संपूर्ण भारत को,
एक माला में जोड़ना हैं |
मुसीबते तो बहुत आएँगी आगे,
संघर्ष करते चलना हैं |
अपनी अबंधित तरक्की से,
पूरी दुनिया को हिलाना हैं |
तरक्की की राह में,
एक बात हमें भूलनी नहीं |
परायों से जाने के बाद,
अपनोंसे परायों जैसे व्यवहार करना नहीं |
अब कोई गरीब नहीं रहेगा,
अब कोई भूक से नहीं मरेगा |
आज़ाद भारत की इस भूमि पर,
हर भारतीय घर संपन्न रहेगा |
- भारतीय आनंद
"स्वतंत्रता संघर्ष"
कौन कहता हैं सब समाप्त हो गया,
अभी तो एक शुरुआत हैं |
२५० सालों के संघर्ष के बाद,
पूर्व में नया सूरज उग रहा है |
अंग्रेजों के उस विश्वास को,
हमें पूरी तरह तोड़ना हैं |
और संपूर्ण भारत को,
एक माला में जोड़ना हैं |
मुसीबते तो बहुत आएँगी आगे,
संघर्ष करते चलना हैं |
अपनी अबंधित तरक्की से,
पूरी दुनिया को हिलाना हैं |
तरक्की की राह में,
एक बात हमें भूलनी नहीं |
परायों से जाने के बाद,
अपनोंसे परायों जैसे व्यवहार करना नहीं |
अब कोई गरीब नहीं रहेगा,
अब कोई भूक से नहीं मरेगा |
आज़ाद भारत की इस भूमि पर,
हर भारतीय घर संपन्न रहेगा |
- भारतीय आनंद
Comments
Post a Comment